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शिव पंचाक्षरी मंत्र ( Shiv Panchakshari Mantra )

Pt. Ram Chandra 7 वर्ष ago
Shiv Panchakshar Stotra

शिव चतुर्दशी के दिन शिव पंचाक्षरी मंत्र ( Shiv Panchakshari Mantra ) पढ़ने से सभी मनोकामना पूरी होती है। शिव अर्थात भगवान महादेव की उपासना में शिव पंचाक्षरी मंत्र (Shiv Panchakshari Mantra) बहुत ही विशेष महत्व रखता है। महीने के चतुर्थी तिथि को सुबह स्नान कर शिवलिंग की पूजा करें साथ ही शिवलिंग पर बेलपत्र , धतूरे, धतूरे की फूल इत्यादि का अर्पण कर इस स्तोत्र का पाठ करने से शिव प्रसन्न हैं। इस प्रकार शिव का पूजन करने से शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर भक्तगण अपनी समस्त मनोकामना पूर्ण होने का फल प्राप्त कर सकते हैं।

भगवान शिव का जिस मनुष्य पर कृपा होता है उसका उद्धार हो जाता है। शिव पंचाक्षरी मंत्र (Shiv Panchakshari Mantra)  का प्रति दिन पाठ कर शिव को खुश किया जा सकता है।

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र के पाँचों श्लोकों में क्रमशः न, म, शि, वा और य है।
न, म, शि, वा और य अर्थात् नम: शिवाय।
इसलिए यह पंचाक्षरी मंत्र (Panchakshari Mantra) शिवस्वरूप है।

शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiv Panchakshari Mantra )

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय।।

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय। 
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय।।

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय। 
श्री नीलकंठाय वृषध्वजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय।।

वशिष्ठ कुम्भोद भव गौतमार्य मुनींद्र देवार्चित शेखराय। 
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै व काराय नम: शिवाय।।

यक्षस्वरुपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय। 
दिव्याय देवाय दिगंबराय तस्मै य काराय नम: शिवाय।।

पंचाक्षरमिदं पुण्यं य: पठेत शिव सन्निधौ। 
शिवलोकं वाप्नोति शिवेन सह मोदते।।

॥ इति श्रीमच्छंकराचार्यविरचितं श्रीशिवपंचाक्षरस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

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Tags: shiv panchakshar shiv stotra शिव पंचाक्षर शिव स्तोत्र

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