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जानें क्यों दूर्वा दल गणेश जी पर अर्पित किया जाता है?

Pt. Ram Chandra 7 वर्ष ago

दूर्वा दल: भगवान गणेश की कृपा का प्रतीक

गणेश जी को दूर्वा दल बहुत ही प्रिय है इसका कारण जानने के लिए यह कहानी पढ़ें।

एक समय की बात है धरती पर अनलासुर नामक एक भयानक राक्षस निवास करता था। वह बहुत ही अत्याचारी था। उसने न केवल धरती पर बल्कि स्वर्ग में भी बहुत कहर मचा रखा था । उसने अपनी आँखों से आग निकालता था और उसके रास्ते में जो भी आता उसे नष्ट कर देता था ।

उनके आतंक से सभी नर, नारी, ऋषि, मुनि यहाँ तक की देवी-देवता भी भयभीत थे। एक दिन सभी देवी देवता उसके आतंक से त्रस्त हो कर भगवान गणेश से मदद मांगने उनके दरवार में पहुंचे और कुछ उपाय करने का आग्रह किये। भगवान गणेश ने सभी देवताओं को आश्वासन दिया कि वह इस दुर्दांत दानव को मार देंगे और पृथ्वी व स्वर्ग में फिर से शांति स्थापित करेंगे।

इस तरह भगवान्गणेश अनलासुर को मारने पहुंच। दोनों में बहुत भीषण यद्ध प्रारम्भ हो गय। युद्ध के मैदान में अनलासुर ने आग के गोले से भगवान गणेश पर प्रहार शुरू कर दिया। जवाब में, भगवान गणेश ने अपना ‘विराट रूप’ धारण किया और दानव को मार गिराया।

दैत्य अनला सुर का वध करने के बाद, भगवान गणेश अपने शरीर के अंदर की गर्मी और आग के गोले के कारण बेहद असहज महसूस कर रहे थे। चंद्रदेव भगवान गणेश की मदद के लिए आए और गणेश के सिर पर खड़े हो गए और इसलिए भगवान गणेश को ‘भालचंद्र’ के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। यहाँ तक कि भगवान विष्णु ने भी भगवान गणेश के शरीर की गर्मी को कम करने के लिए अपना कमल दिया, परन्तु उससे भी कोई लाभ नहीं हुआ।

अंत में, साधु गण 21 दुर्वा दल (एक प्रकार का घास ) के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने भगवान गणेश के सिर पर दूर्वा दल रखा और चमत्कारिक रूप से, गर्मी दूर हो गई। भगवन इस दूर्वा दाल के चमत्कार से बहुत प्रसन्न हुए उसी दिन से भगवान गणेश ने घोषणा की कि जो कोई भी दूर्वा दल उन पर अर्पित करेगा, उस पर भगवान गणेश की कृपा सदा बनी रहेगी। उस दिन से भगवान गणेश की पूजा दूर्वादल से की जाने लगी ।

#Ganesh Chalisa #Ganesh Birth Story

Tags: Ganesh

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