Skip to content
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Tumblr
  • Blogger
Sanatan Bhakti Sangrah

सनातन भक्ति

हिन्दुत्व एक सर्वोत्कृष्ट जीवनशैली है।

Primary Menu
  • होम
  • कहानी संग्रह
  • स्तोत्र संग्रह
  • चालीसा संग्रह
    • श्री हनुमान चालीसा
    • श्री शिव चालीसा
    • श्री गणेश चालीसा
    • श्री राम चालीसा
    • श्री शनि चालीसा
    • श्री दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa)
    • श्री लक्ष्मी चालीसा ( Lakshmi Chalisa)
    • श्री सरस्वती चालीसा
    • श्री साँई चालीसा
    • और भी चालीसा देखें >>
  • आरती संग्रह
  • व्रत कथा
  • श्री राम शलाका प्रश्नावली
  • Baby Name
  • About Us
  • Login
  • Home
  • Chalisa
  • श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa)
  • Chalisa

श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa)

Pt. Ram Chandra 7 वर्ष ago
Sri Krishna Chalisa

श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa)

जब भी पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ा है भगवान विष्णु धरातल पर जीव रक्षा या यूँ कहें की धर्म रक्षा के लिए अवतरित हुए हैं। भगवान् विष्णु के सभी अवतारों में सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्री राम अवतार और श्री कृष्ण अवतार माना गया है। श्री कृष्ण अवतार द्वापर युग में हुआ था। जो व्यक्ति अपने चित्त को श्रीकृष्ण के भक्ति में लगा देता है, वह सभी प्रकार के पापों से छूटकारा पा लेता है। अंत में उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस तरह श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa) पाठ पूरी श्रद्धापूर्वक करने से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है। मनुष्य की सभी मनोकामना पूरी होती है इस पावन चालीसा की पाठ से। भगवान श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम हैं वो अपने लीला के माध्यम से समस्त प्राणी का मार्ग दर्शन करने वाले देव हैं। समस्त विश्व उन में निहित है ऐसे भगवान श्री कृष्ण का चालीसा पाठ करना मनुष्य के लिए सौभाग्य की बात है।

॥दोहा॥

बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥
पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज।
जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥

॥चौपाई॥

जय यदुनंदन जय जगवंदन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥
जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥
जय नटनागर, नाग नथइया॥ कृष्ण कन्हइया धेनु चरइया॥
पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो। आओ दीनन कष्ट निवारो॥

वंशी मधुर अधर धरि टेरौ। होवे पूर्ण विनय यह मेरौ॥
आओ हरि पुनि माखन चाखो। आज लाज भारत की राखो॥
गोल कपोल, चिबुक अरुणारे। मृदु मुस्कान मोहिनी डारे॥
राजित राजिव नयन विशाला। मोर मुकुट वैजन्तीमाला॥

कुंडल श्रवण, पीत पट आछे। कटि किंकिणी काछनी काछे॥
नील जलज सुन्दर तनु सोहे। छबि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे॥
मस्तक तिलक, अलक घुँघराले। आओ कृष्ण बांसुरी वाले॥
करि पय पान, पूतनहि तार्यो। अका बका कागासुर मार्यो॥

मधुवन जलत अगिन जब ज्वाला। भै शीतल लखतहिं नंदलाला॥
सुरपति जब ब्रज चढ़्यो रिसाई। मूसर धार वारि वर्षाई॥
लगत लगत व्रज चहन बहायो। गोवर्धन नख धारि बचायो॥
लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई। मुख मंह चौदह भुवन दिखाई॥

दुष्ट कंस अति उधम मचायो॥ कोटि कमल जब फूल मंगायो॥
नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें। चरण चिह्न दै निर्भय कीन्हें॥
करि गोपिन संग रास विलासा। सबकी पूरण करी अभिलाषा॥
केतिक महा असुर संहार्यो। कंसहि केस पकड़ि दै मार्यो॥

मातपिता की बन्दि छुड़ाई ।उग्रसेन कहँ राज दिलाई॥
महि से मृतक छहों सुत लायो। मातु देवकी शोक मिटायो॥
भौमासुर मुर दैत्य संहारी। लाये षट दश सहसकुमारी॥
दै भीमहिं तृण चीर सहारा। जरासिंधु राक्षस कहँ मारा॥

असुर बकासुर आदिक मार्यो। भक्तन के तब कष्ट निवार्यो॥
दीन सुदामा के दुःख टार्यो। तंदुल तीन मूंठ मुख डार्यो॥
प्रेम के साग विदुर घर माँगे।दर्योधन के मेवा त्यागे॥
लखी प्रेम की महिमा भारी।ऐसे श्याम दीन हितकारी॥

भारत के पारथ रथ हाँके।लिये चक्र कर नहिं बल थाके॥
निज गीता के ज्ञान सुनाए।भक्तन हृदय सुधा वर्षाए॥
मीरा थी ऐसी मतवाली।विष पी गई बजाकर ताली॥
राना भेजा साँप पिटारी।शालीग्राम बने बनवारी॥

निज माया तुम विधिहिं दिखायो।उर ते संशय सकल मिटायो॥
तब शत निन्दा करि तत्काला।जीवन मुक्त भयो शिशुपाला॥
जबहिं द्रौपदी टेर लगाई।दीनानाथ लाज अब जाई॥
तुरतहि वसन बने नंदलाला।बढ़े चीर भै अरि मुँह काला॥

अस अनाथ के नाथ कन्हइया। डूबत भंवर बचावइ नइया॥
सुन्दरदास आ उर धारी।दया दृष्टि कीजै बनवारी॥
नाथ सकल मम कुमति निवारो।क्षमहु बेगि अपराध हमारो॥
खोलो पट अब दर्शन दीजै।बोलो कृष्ण कन्हइया की जै॥

॥दोहा॥

यह चालीसा कृष्ण का, पाठ करै उर धारि।
अष्ट सिद्धि नवनिधि फल, लहै पदारथ चारि॥

Tags: Govind Chalisa Krishna Chalisa कृष्ण चालीसा

Continue Reading

Previous: श्री काली चालीसा (Shri Kali Chalisa)
Next: श्री सूर्य चालीसा (Shri Surya Chalisa)

हाल के पोस्ट

  • बिल्वाष्टकम् स्तोत्रम् (Bilvashtakam Stotram)
  • 51 शक्तिपीठों की सूची और संक्षिप्त विवरण
  • महाकुंभ: इतिहास, महत्व और आयोजन की जानकारी
  • खाटू श्याम जी की आरती (Khatu Shyam Aarti)– महत्व, विधि और लाभ
  • Ram Shalaka Prashnavali – Divine Blessings of Ram
  • एक अनसुलझे प्रश्न – ईश्वर अर्थात भगवान (Bhagwan), क्या है और कौन है ?
  • श्री साईं बाबा के 11 वचन अर्थ सहित (Sai Ke 11 Vachan)
  • 10 Expert Tips for Choosing the Perfect Name for Your Baby
  • राम नाम की महिमा (Ram Naam ki Mahima)
  • हनुमान चालीसा के विधि पूर्वक 100 पाठ करने से लाभ

Category

  • Home
  • Chalisa
  • Aarti
  • Stories
  • Stotra
  • Stories
  • Aarti
  • Stotra
  • Chalisa
  • vrat katha
  • Editor Story
  • Main Story
  • Ram
  • Baby Name
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Babynames
  • 10 Beautiful Baby Girl Names That Mean Lucky or Blessed
  • Top 25 Trending Boy Names in India for 2025
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Tumblr
  • Blogger
Copyright © All rights reserved. | SnatanBakti.com